कर्फ्यू (Curfew) क्या है ? कब और क्यों लगाया जाता है ?

दोस्तो यकीनन आपने कर्फ्यू का नाम जरूर सुना होगा। क्योंकि भारत के कई हिस्सों में और खास तौर से जम्मू कश्मीर में कर्फ़्यू लगता रहता है, जिसकी सूचना हमे न्यूज़ चैनल्स और सोशल मिडिया के द्वारा प्राप्त होती रहती है। पर क्या आप जानते है कि कर्फ्यू (Curfew) क्या होता है ? और यह कब और क्यों लगाया जाता है ?

अगर आप इसके बारे में ज्यादा नही जानते है तो आपको परेशान होने की आवश्यकता नही है। क्योंकि आज इस आर्टिकल में हम आपको कर्फ्यू के बारे में पूरी जानकारी बताने वाले है। 

Curfew kya hai, kab aur kyu lgaya jata hai

कर्फ्यू (Curfew) क्या है ?

कर्फ्यू सरकार के निर्देशानुसार पुलिस के द्वारा किसी हिंसा या अशांति प्रभावित क्षेत्र, शहर या राज्य में लगाया जाता है। कर्फ़्यू के दौरान लोगों को घरों मे ही रहने का आदेश दिया जाता है, व लोगों को घर से बाहर निकलने की अनुमति नही होती है। कर्फ्यू के दौरान बहुत से नियम लागू कर दिए जाते और बहुत सी चीजो व कार्यो पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है। अगर कोई व्यक्ति इन नियमो का उलंघन करता है तो उस पर तुरंत एक्शन लिया जाता है।

कर्फ्यू कब और क्यों लगाया जाता है ?

जब किसी क्षेत्र में दंगा, हिंसा या अन्य किसी भी कारण से अशांति का माहौल बन जाये तो उस समय उस क्षेत्र में शांति बनाने के लिए पहले धारा 144 लगाई जाती है। अगर धारा 144 से स्थिति काबू में ना आये तो कर्फ्यू लगाया जाता है। क्योंकि कर्फ्यू में बहुत सी चीजों पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया जाता है। जिससे क्षेत्र में शांति का माहौल बनाने में मदद मिलती है।


हालांकि कई बार स्थिति बहुत ज्यादा खराब होने पर सीधे कर्फ्यू ही लगा दिया जाता है। कर्फ्यू लगाने का मकसद उस क्षेत्र में दंगे, हिंसा या अन्य किसी कारण से उत्पन्न अशांति को खत्म करके शांति का माहौल बनाना होता है।

कर्फ्यू कौन लगाता है ?

कर्फ्यू राज्य सरकार या केंद्र सरकार के आदेशानुसार सम्बन्धित क्षेत्र के DM ( जिला मजिस्ट्रेट ) पुलिस के द्वारा लगाते है। कर्फ्यू के दौरान नियमों का उलंघन करना दण्डनीय अपराध है। अगर कोई व्यक्ति कर्फ्यू के दौरान नियमों का उल्लंघन करता है तो उस पर तुरंत एक्शन लिया जाता है।

कर्फ्यू के दौरान कौन कोनसी पाबंदियां होती है ?

  1. कर्फ्यू के दौरान निवासियों का घर से बाहर निकलना सख्त मना होता है। स्थानीय लोगों को घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होती है। हालांकि आपातकालीन स्थिति में या अन्य किसी विशेष परिस्थिति में व्यक्ति घर से बाहर निकल सकते है।
  2. इस दौरान बहुत सी बार इंटरनेट और मोबाइल सेवा भी बंद कर दी जाती है।
  3. कर्फ्यू के दौरान किसी भी सार्वजनिक या निजी वाहन को उस क्षेत्र में आने जाने की अनुमति नही होती है। हालांकि विशेष परिस्थिति जैसे आपातकालीन स्थिति या रोजमर्रा की ज़रूरतों व सामग्री को ले जाने वाले वाहनों को अनुमति मिल जाती है।
  4. तेज आवाज में किसी भी प्रकार से ध्वनि उतपन्न करने पर प्रतिबंध होता है।


जनता कर्फ्यू क्या है ?

जनता कर्फ्यू भी सामान्य कर्फ्यू की तरह होता है। लेकिन जनता कर्फ्यू में लोगो के पास यह विकल्प होता है कि वो कर्फ्यू को माने या ना माने। जनता कर्फ्यू में लोग अपनी मर्जी से यह तय कर सकते है कि उन्हें कर्फ्यू के नियमों का पालन करना है या नही। अगर कोई व्यक्ति जनता कर्फ्यू के नियमो का पालन नही करता है तब भी उस पर कोई एक्शन नही लिया जाता है।

अभी हाल ही में 22 मार्च 2020 को जनता कर्फ्यू लागू हुआ था। यह जनता कर्फ्यू कोरोना वायरस के संक्रमण को कम करने के लिए लगाया गया था।

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अंतिम शब्द

दोस्तो इस लेख में आपने जाना कि कर्फ्यू (curfew) क्या होता है ? और यह कब और क्यों लगाया जाता है ? अगर आपको अभी भी कोई बात समझ ना आई हो तो आप कमेंट करके पूछ सकते है।

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