PF, EPF और EPFO क्या होता है ? पूरी जानकारी।

What is PF, EPF, EPFO Full Information in Hindi:- दोस्तों आपने बहुत बार अपने कर्मचारी दोस्तों को PF के बारे में बता करते हुए जरूर सुना होगा। लेकिन क्या आप जानते है कि ये PF क्या होता है ? EPF क्या होता है ? और EPFO क्या होता है ? इस लेख में आपको इन सभी सवालों के जवाब मिलने वाले है इसलिए इसे अंत तक जरूर पढ़ियेगा।

PF, EPF और EPFO क्या होता है ? पूरी जानकारी।


PF, EPF क्या है ? हिंदी में 

PF की फुल फॉर्म Provident Fund है, इसको हिंदी में भविष्य निधि कहा जाता है। PF को EPF के नाम से भी जाना जाता है। EPF की फुल फॉर्म Employee Provident Fund होती है, जिसको हिंदी में कर्मचारी भविष्य निधि कहा जाता है। PF और EPF दोनों एक ही चीज है, इसलिए अगर कोई आपको EPF के बारे में बोले, तो आपको यह समझना है की वो PF के बारे में बात कर रहा है। 

PF एक प्रकार का डिजिटल गुलक है, जिसमे कर्मचारियों को मिलने वाली सैलरी का एक छोटा हिस्सा हर महीने उन्ही के PF एकाउंट में जमा होता रहता है, बाद में जब वह कर्मचारी रिटायर हो जाता है, या वो नोकरी छोड़ देता है, तो वो इस डिजिटल गुलक यानी कि अपने PF एकाउंट से अपने पैसे निकाल सकता है। चलिए हम PF के बारे विस्तार से जानते है।

PF भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक बहुत ही महत्वकांक्षी योजना है। यह योजना मुख्य रूप से सरकारी व गैर सरकारी कर्मचारी के लिए बनाई गई है। इसके तहत सभी सरकारी और प्राइवेट कर्मचारियों की सैलरी का 12% हिस्सा हर महीने उसकी सैलरी से काट लिया जाता है और वो पैसे उसी कर्मचारी के pf अकाउंट में डाल दिया जाते है। जितना पैसा कर्मचारी की सैलरी से कट कर उसके pf अकॉउंट में ऐड होता है, उतना ही पैसा उस कर्मचारी की नियोक्ता कंपनी यानी कि जिस कंपनी में वह काम करता है, वो कंपनी भी अपने कर्मचारी के pf एकाउंट में हर महीने डालती रहती है। 

यानी कि अगर किसी कर्मचारी की मासिक आय 10,000 रुपये है, तो उसका 12% यानी कि 1200 रुपये हर महीने उसकी सैलरी से काट लिए जाते है और वो पैसे उसके pf एकाउंट में डाल दिये जाते है। अब जैसा कि हमने आपको ऊपर बताया कि जितने pf के पैसे कर्मचारी की सैलरी से कटते है, उतने ही पैसे उस कर्मचारी की नियोक्ता कंपनी भी उसके एकाउंट में डालती है। इसलिए उस कर्मचारी के pf एकाउंट में हर महीने 1200 रुपये नियोक्ता कंपनी भी डालती है, जिससे उसके pf एकाउंट में हर महीने 2400 रुपये सेव होते रहते है। इसके साथ ही इन पैसों पर कर्मचारियों को 8.50% ब्याज भी मिलता है, जो कि बाकी सभी बैंको से काफी अच्छा है। इसके अलावा pf के पैसों पर किसी प्रकार का टैक्स भी नही लगता है, इसलिए अंत मे pf का सारा पैसा कर्मचारी को ही मिलता है।

यह पैसे तब तक हर महीने कर्मचारी की सैलरी से कटकर उसके PF अकाउंट में जमा होते रहते हैं, जब तक कि वह उस कंपनी में नौकरी करता है। नौकरी छोड़ने के बाद या रिटायर होने के बाद वह अपने पीएफ के सारे पैसे निकलवा सकता है। इसके अलावा चालू नौकरी में भी कर्मचारी अपना पीएफ का पैसा निकलवा सकता है, लेकिन इसके लिए कुछ नियम और शर्ते हैं, जिनके अनुसार ही पैसे मिलते हैं।

अभी यंहा पर आपको चीज का और पता होना जरूरी है की जो 12% कंपनी कर्मचारी के pf एकाउंट में जमा करवाती है, वो पैसे 3 अलग अलग योजनाओं में जमा करवाये जाते है। कुछ पैसे कर्मचारी के pf एकाउंट में जमा होते है, कुछ EPS (Employee Pension Scheme) में जमा होते है और कुछ पैसे कर्मचारी की इन्सुरेंस योजना में जमा करवाये जाते है।


PF कितने प्रतिशत जमा होता है ?

हर महीने कर्मचारी की सैलरी का 12% हिस्सा उसके PF एकाउंट में जमा होता है, किन्तु ये 12% का नियम सिर्फ तभी लागू होता है जब कर्मचारी की मासिक सैलरी ₹15000 या इससे कम होती है। अगर कर्मचारी की मासिक आय ₹15000 से अधिक है ? तो उसकी आय के सिर्फ ₹15,000 रुपये का 12% ही PF में जमा होगा, बाकी के पैसों पर PF नही कटेगा।

जैसे कि मान लीजिये की एक कर्मचारी की मासिक आय ₹15,000 और दूसरे की ₹30,000 रुपये है। तो इन दोनों का PF एक समान ही कटेगा, क्योंकि दूसरे कर्मचारी की आय भलेही ही ज्यादा किन्तु ₹15000 से अधिक आय पर PF नही कटता है। इसलिए इन दोनी का PF समान ही कटेगा।


Benifits of PF || PF के फायदे 

अभी सवाल यह उठता है कि आखिर पीएफ के बेनिफिट्स क्या है ? पीएफ का लाभ क्या है ? गवर्नमेंट यह योजना क्यों लेकर आई है ? तो देखिए दोस्तों सरकार की यह योजना कर्मचारियों की भलाई के लिए है। क्योंकि हम इंसानों की आदत होती है कि हमे जितना भी पैसा सैलरी के रूप में मिलता है, हम उतना ही खर्च कर देते हैं। ऐसे में हम अपने भविष्य के लिए पैसे जमा नहीं कर पाते हैं। इसलिए सरकार यह योजना लेकर आई है। इसमें कर्मचारी की सैलरी का एक छोटा सा हिस्सा हर महीने उसकी सैलरी से काट लिया जाता है, जिसके कटने से कर्मचारी को ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है, वह अपनी बाकी की सैलरी से अपना खर्चा अच्छे से निकाल लेता है।

किंतु रिटायर होने के बाद वह कर्मचारी अपने पीएफ के सारे पैसे एक साथ निकलवा सकता है, इसके साथ ही उसे हर महीने पेंशन भी मिलती है। इसके अलावा अगर ड्यूटी के दौरान किसी कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है तो उसे ₹700000 तक का मुआवजा भी इसी pf योजना के अंतर्गत ही मिलता है। इसलिए कर्मचारियों के लिए यह योजना काफी महत्वपूर्ण है।


EPFO क्या है ?

EPFO की फुल फॉर्म Employee Provided Fund Organization है। यह एक ऐसी संस्था है जो कि सरकारी द्वारा नियंत्रित की जाती है, EPFO की स्थापना 15 नवंबर 1951 में हुई थी। इसकी स्थापना कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने के लिए और उनके भविष्य को बेहतर बनाने के लिए की गई थी। PF योजना इसी संस्था द्वारा कंट्रोल की जाती है। इस प्रकार से आप समझ सकते है कि PF सिर्फ एक योजना है जो कि EPFO संस्था द्वारा निर्वाहीत की जाती है।


PF, EPF और EPFO से संबंधित प्रश्न और उत्तर

PF/EPF की फुल फॉर्म क्या है ?

PF की फुल फॉर्म Employee Provident Fund होती है। PF को EPF के नाम से भी जाना जाता है।

PF/EPF को हिंदी में क्या कहते है ?

PF को हिंदी में भविष्य निधि कहा जाता है। इसको हिंदी में कर्मचारी भविष्य निधि भी कहा जाता है।

EPFO की फुल फॉर्म क्या है ?

EPFO की फुल फॉर्म Employee Provided Fund Organization होती है।

क्या हम EPF के पैसे समय से पहले निकाल सकते है ?

जी हां, अगर आप चाहे तो अपने EPF अकाउंट में जमा पैसे समय से पहले भी निकाल सकते है इसके लिए आपको EPF की वेबसाइट पर जाकर पैसे निकालने की रिक्वेस्ट डालनी पड़ेगी।

EPF के पैसे कब मिलते हैं ?

जब आप अपनी नौकरी से रिटायर हो जाते हैं तो उसके बाद EPF के पैसे मिलना शुरू हो जाते हैं।

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दोस्तो आपको क्या लगता है ? PF योजना सही है ? या गलत ? नीचे कमेंट करके जरूर बताएं। इसके अलावा त आपको यह जानकारी PF kya hai ? EPF kya hota hai ? EPFO kya hai ? पसन्द आयी हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी जरूर शेयर करे। 

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