GSM और CDMA क्या है ? इनमे क्या अंतर है ?

What is Deference Between GMS and CDMA in Hindi:- इस आर्टिकल में हम जानेंगे की GSM क्या होता है ? CDMA क्या होता है ? GSM और CDMA में क्या अंतर होता है ? आपने बहुत बार इन शब्दों के बारे में जरूर सुना होगा। इसलिए आपको इन शब्दों के बारे में जानकारी होना जरूरी है। क्योंकि कहीं ना कहीं आप भी जीएसएम या सीडीएमए जैसी सेवाओं का इस्तेमाल करते ही हैं। इसलिए आपको इनके बारे में जानकारी होना जरूरी है। 

इस लेख में हम आज यही जानेंगे कि GSM क्या होता है ? CDMA क्या होता है ? और इन दोनों के बीच में क्या अंतर होता है ?

What is Deference Between GMS and CDMA in Hindi,


CDMA क्या होता है ? What is CDMA in Hindi ?

CDMA की फुल फॉर्म 'कोड डिविजन मल्टिपल एक्सेस' (Code-division multiple access) है। यह एक ऐसी टेक्नोलॉजी है जिसके माध्यम से एक जगह से दूसरी जगह पर communication किया जा सकता है। विश्वभर में मोबाइल से कम्युनिकेशन करने के लिए मुख्यरूप से 2 प्रकार की टेक्नोलॉजी ही काम में ली जाती है, एक है CDMA और दूसरी GSM।

CDMA टेलीकम्यूनिकेशन टेक्नोलॉजी को काफी healthy और secure माना जाता है, क्योंकि जब हम इस टेक्नोलॉजी का यूज़ करते हुए अपने मोबाइल किसी दूसरे व्यक्ति से कांटेक्ट करते है तो हमारा संपर्क बीच में कट नही होता है, हम जितनी देर चाहे उतनी देर सामने वाले व्यक्ति से बात कर सकते है। साथ यह टेक्नोलॉजी काफी सिक्योर भी होती है, क्योंकि इसमे हर यूजर का एक यूनिक कोड होता है, जब हमारे पास सामने वाले व्यक्ति का कोड हो तो ही हम उससे सम्पर्क कर पाते है।

भारत में भी इस टेक्नोलॉजी का प्रयोग कई टेलीकॉम कंपनियों के द्वारा किया जाता है जैसे TATA, MTS, Reliance आदि। हालांकि अभी भारत में CDMA टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बहुत कम देखने को मिलता है।

अगर हम CDMA के इतिहास की बात करे तो इस टेक्नोलॉजी का प्रयोग सबसे पहले द्वितीय विश्वयुद्ध में USA आर्मी के द्वारा किया गया था, यह टेक्नोलॉजी कम्युनिकेशन करने के लिए काफी सुरक्षित थी, इसीलिए इसका इस्तेमाल किया गया। लेकिन इसके बाद कई सालो तक CDMA का इस्तेमाल नहीं किया गया, किन्तु 1990 में Qualcomm कंपनी इस टेक्नोलॉजी एक बार फिर से लोगो के बीच में लेके आई, जिसके बाद से इसका इस्तेमाल फिर से किया जाने लगा।


GSM क्या होता है ? What Is GSM in Hindi

GSM की फुल फॉर्म ग्लोबल सिस्टम फ़ॉर मोबाइल कम्युनिकेशन (Global System for Mobile Communication) है। यह एक डिजिटल सेलुलर टेक्नोलॉजी है। इसका प्रयोग मोबाइल वौइस् और डेटा सर्विस को ट्रांसमिट करने के लिए किया जाता है, यानी की इसका इस्तेमाल भी कम्युनिकेशन करने के लिए किया जाता है। इस टेक्नोलॉजी को फ़िनलैंड में 1991 में डिवलोप किया गया था, और अभी पूरे विश्वभर में कम्युनिकेशन करने के लिए यही टेक्नोलॉजी सबसे लोकप्रिय है। एक अनुमान के अनुसार दुनिया के 80% मोबाइल्स में GSM टेक्नोलॉजी का ही इस्तेमाल किया जाता है। वर्तमान में GSM टेक्नोलॉजी का प्रयोग 212 से भी अधिक देशों के 3 अरब से भी ज्यादा लोग करते है।

GSM के आने के बाद ही telecommunication industry में अंतरराष्ट्रीय रोमिंग सेवा का इस्तेमाल आसानी से किया जा सकता है। भारत की सबसे पॉपुलर टेलीकॉम कंपनियां जैसे Jio, Airtel, Idea, Vodafone आदि इसी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करती है।


GSM और CDMA में क्या अंतर है ? What is The Deference Between GSM and CDMA ?

इन दोनों टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल मोबाइल फोन के द्वारा एक स्थान से दूसरे स्थान पर वॉइस और डाटा ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है। लेकिन फिर भी इनमें कुछ अंतर भी है। चलिए नीचे कुछ पॉइंट्स के माध्यम से हम इस अंतर को समझते हैं।

1. CDMA टेक्नोलॉजी में जब हम किसी से बात करने के लिए अपने मोबाइल से कॉल करते हैं तो हमारा कॉल लगने में थोड़ा सा टाइम जरूर लगता है लेकिन एक बार कॉल लगने के बाद जब तक हम खुद उस कॉल को डिस्कनेक्ट नहीं कर देते, तब तक नेटवर्क या सर्वर व्यस्त होने की वजह से हमारा कॉल डिस्कनेक्ट नहीं होता है। लेकिन GSM टेक्नोलॉजी में हमारा कॉल तो बहुत जल्दी लग जाता है। लेकिन कई बार नेटवर्क इश्यू होने पर हमारा कॉल ऑटोमेटिक डिस्कनेक्ट भी हो जाता है।

2. GSM टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल सिम कार्ड के द्वारा किया जाता है। हम अपनी GSM सिम कार्ड को किसी भी दूसरे GSM मोबाइल में डाल कर इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन CDMA टेक्नोलॉजी में सिम कार्ड का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। इसके स्थान पर यह टेक्नोलॉजी मोबाइल फोन में इनबिल्ट ही आती है। इसलिए CDMA फोन में ऐसा कोई सिस्टम नहीं होता है कि हम उसकी सिम कार्ड निकाल कर किसी दूसरे फोन में इस्तेमाल कर सकें। हालांकि अभी टेक्नोलॉजी थोड़ी एडवांस हो गई है इसलिए CDMA टेक्नोलॉजी में भी सिम कार्ड्स का इस्तेमाल किया जाने लगा है।

अगर आपने कभी MTS का मोबाइल इस्तेमाल किया है तो आपको पता होगा कि MTS मोबाइल में कभी भी किसी दूसरी कंपनी की सिम कार्ड नहीं चलती थी, क्योंकि MTS CDMA टेलीकम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया करता था और इसलिए उस मोबाइल में सिर्फ MTS की सिम कार्ड इस्तेमाल की जा सकती थी।

3. GSM टेक्नोलॉजी की स्पीड CDMA के मुकाबले तेज़ है।

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यह दोनों प्रकार ही टेक्नोलॉजी अपनी-अपनी जगह पर बेहतरीन है। आप अपनी आवश्यकता के अनुसार इनमें से किसी का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि आजकल ऐसे मोबाइल भी मार्केट में उपलब्ध है जिसमें GSM और CDMA दोनों सिम कार्ड काम करती है, तो आप ऐसा मोबाइल भी खरीद सकते है। उम्मीद करते हैं कि आपको यह जानकारी GSM kya hota hai ? CDMA kya hota hai ? GSM aur CDMA me kya antar hota hai ? पसंद आई होगी। अगर लेख अच्छा लगा हो तो इसे अपने मित्रों के साथ भी जरूर शेयर करें। 

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