एलोपैथी क्या है ? पूरी जानकारी हिंदी में

What is Allopathy Full Information in Hindi:- एलोपैथी क्या है ? हम में से हर कोई एक हेल्थी लाइफ जीना चाहते है, कोई बीमार होना नही चाहता है, लेकिन फिर भी बीमारियां ऐसी है जो किसी को अछूता नही छोड़ती है। हम सभी को हर साल छोटी मोटी बीमारियों का सामना तो करना ही पड़ता है, साथ ही कई बार कुछ बड़ी और मेजर बीमारियों का सामना भी हमें करना पड़ता है।

बीमारी चाहे छोटी हो या बड़ी, हमारी कोशिश हमेशा यही रहती है कि इस बीमारी को जल्द से जल्द ठीक किया जाए। इसलिए हम बीमार होते ही तुरंत डॉक्टर के पास जाते है और जरूरी दवाई ले लेते है ताकि हम जल्दी से ठीक हो सके।

हम यह दवाइयां तो ले लेते है, किन्तु यह कभी भी नही सोचते है की जो दवाई हम ले रहे है, वो कन्हा से आई है ? इनकी खोज किसने की ? और इन दवाइयों के फायदे और नुकसान क्या है ? इसके अलावा जो चिकित्सा हम ले रहे है, वो कौनसी चिकित्सा पद्धति है ? या हमारे बीच मे कितनी चिकित्सा पद्धतियां मौजूद है, जिनके द्वारा हम बीमारियों का इलाज कर सकते है ? यंहा आपको इन सभी सवालों के जवाब मिलने वाले है, इसलिए इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ियेगा।

तो यंहा पर हम आपको बताना चाहेंगे कि वर्तमान में मुख्यरूप से 3 चिकित्सा पद्धतियां मौजूद है, जिनके द्वारा हम बीमारियों को ठीक कर सकते है, जिनमे एलोपैथी का नाम सबसे पहले आता है, और उसके बाद होम्योपैथी और आयुर्वेद का नाम आता है।

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Homeopathy क्या है ? इसके बारे में पूरी जानकारी हम अपने पिछले लेख में बता चुके है, अगर आपको वो लेख पढ़ना हो तो आप अभी नीचे लिंक पर क्लिक करके वो लेख भी पढ़ सकते है।


फिलहाल इस लेख में हम एलोपैथी के बारे में बात करने वाले है। इस लेख में हम आपको एलोपैथी के बारे में पूरी जानकारी हिंदी में बताने वाले है, साथ ही यह भी बताएंगे कि एलोपैथी और होम्योपैथी के बीच मे क्या अंतर है ? इसलिए इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें। और अगर यह पूरा लेख पढ़ने के बाद भी आपका कोई सवाल हो तो आप नीचे कमेंट करके बता सकते है।

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एलोपैथी क्या है ? पूरी जानकारी हिंदी में। What is Allopathy ?

जब भी हमे कोई मेजर या बड़ी बीमारी होती है या सर्दी-जुखाम, सिर-दर्द, बुखार जैसी कोई छोटी मोटी बीमारी होती है, तो उससे तुरन्त छूटकारा पाने के लिए जो दवाई हम मेडिकल स्टोर या डॉक्टर से लेते है, वह एलोपैथी दवाइयां ही होती है, आम भाषा मे इन्हें अंग्रेजी दवाइयों के नाम से भी जाना जाता है।

पश्चिम से आई यह चिकित्सा पद्धति बहुत ही कम समय मे काफी लोकप्रिय हुई है। दुनिया के लगभग सभी देशों में मुख्यरूप से इसी चिकित्सा पद्धति का इस्तेमाल किया जाता है। इसका मुख्य कारण यह है की एलोपैथी दवाइयां तुरंत असर दिखाती है, और दवाई लेने के कुछ समय बाद ही इंसान पूरी तरह से स्वस्थ हो जाता है। इसके अलावा एलोपैथी दवाइयों से बड़ी से बड़ी बीमारी को सर्जरी और ऑपरेशन्स के माध्यम से ठीक किया जा सकता है, साथ ही एक्सीडेंट और हार्ट अटैक जैसे एमर्जेंसी हालात में सिर्फ एलोपैथी चिकित्सा पद्धति ही काम आती है।

एलोपैथी एक Drug Oriented Methodology है जिसमे बीमारी के लक्षण पता करके उसका इलाज किया जाता है। सन 1810 में जर्मन फिजिशियन Samuel Hahnemann ने इस चिकित्सा पद्धति को एलोपैथी नाम दिया था। एलोपैथी को और भी कई नामों से जाना जाता है जैसे

  • Conventional Medicine
  • Mainstream Medicine
  • Western Medicine
  • Orthodox Medicine
  • Biomedicine


एलोपैथी के लाभ Benefits of Allopathy

  • एलोपैथी दवाइयां मरीज को तुरंत रिलीफ देती है। 
  • इस चिकित्सा पद्धति के द्वारा बड़ी से बड़ी बीमारी को सर्जरी और ऑपरेशन के माध्यम से ठीक किया जा सकता है, और हर रोज इस पद्धति में उन्नति हो रही है।
  • इस पद्धति के द्वारा शरीर मे क्या बीमारी है ? यह बहुत ही आसानी से पता लगाया जा सकता है और उसका इलाज भी किया जा सकता है।
  • हार्ट अटैक, एक्सीडेंट और हड्डी टूटने जैसे आपतकालीन हालात में एलोपैथी से बेहतर और कोई चिकित्सा पद्धति नही है।


एलोपैथी की हानियां Cons of Allopathy

  • एलोपैथी दवाइयों के साइड इफेक्ट्स बहुत ज्यादा होते है, यह दवाइयां हमारे लिवर और डायजेस्टिंग सिस्टम को काफी नुकसान पंहुचाती है।
  • कई बार इन दवाइयों को लेने से बॉडी में रिएक्शन भी हो जाता है, जिसके कारण पूरी बॉडी पर लाल चखते बनाना, खुजली होना, उल्टी होने जैसे समस्या होती है।
  • एलोपैथी दवाइयां बीमारी को जड़ से खत्म करने के बजाय उसे दबाने का काम करती है, जिससे हमें पूरी तरह से उस बीमारी से छुटकारा नही मिल पाता है।
  • एलोपैथी के कई इलाज बहुत ही ज्यादा महंगे होते है, इसलिए गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार के लिए ऐसे इलाज करवाना सम्भव होनी होता है।


एलोपैथी और होमियोपैथी में क्या अंतर है ? Allopathy vs Homeopathy

यहां हम एलोपैथी और होम्योपैथी के बीच का मुख्य अंतर आपको बताने वाले हैं अगर आपको होम्योपैथी के बारे में विस्तार से जानना है तो इस पर हमने अलग से एक लेख लिखा है आप वह पढ़ सकते हैं।


1. एलोपैथी में डॉक्टर मरीज के शरीर का चेकउप करके उसका इलाज करता है, वंही होम्योपैथी में मरीज की मानसिक, शाररिक, आध्यात्मिक सभी स्थितियां देखी जाती है, इसके साथ ही मरीज के बारे में पूरी जानकारी पता की जाती है जैसे उसे अब तक कौन कौन सी बीमारी हुई या उसके परिवार में किस किस को कौन कौन सी बीमारी है ? आदि। पूरी जानकारी लेने के बाद ही डॉक्टर उसका इलाज करता है।

2. एलोपैथी दवाइयों के साइड इफेक्ट्स बहुत ज्यादा होते है, खासतौर से एलोपैथी एंटीबायोटिक दवाइयां हमारे लिवर को काफी नुकसान पंहुचाती है, वंही होम्योपैथी दवाइयों के साइड इफ़ेक्ट ना के बराबर होता है।

3. एलोपैथी दवाइयां सिर्फ बीमारियों को दबाने का काम करती है, यह सिर्फ बीमारी को कंट्रोल कर सकती है, उसे जड़ से खत्म नही कर सकती है। वंही होम्योपैथी बीमारी को जड़ से खत्म कर सकती है।

4. एलोपैथी दवाइयां अपना असर तुरन्त दिखाती है और मरीज को तुरंत राहत देती है, वंही होमियोपैथी के ज्यादातर इलाज लम्बे समय तक चलते है, तब जाके वो अपना असर दिखाते है।

5. हार्ट अटैक, एक्सीडेंट और ऐसे ही इमरजेंसी हालात में मरीज का इलाज एलोपैथी से ही करवाना सही माना जाता है, क्योंकि होम्योपैथी में इतनी सुविधाएं उपलब्ध नही है, और मरीज को कम समय मे राहत देना जरूरी होता है, इसलिए ऐसे हालात में एलोपैथी को ही बेहतर विकल्प माना जाता है।

6. एलोपैथी दवाइयां काफी रिसर्च करके तैयार की जाती है, वंही होम्योपैथी में इतनी रिसर्च नही की जाती है।

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निष्कर्ष:-  

दोस्तों आज इस लेख में आपने जाना कि allopathy kya hota hai ? puri jankari hindi me, इसके अलावा allopathy aur homeopathy me kya antar hai ? यह भी आने जाना है। इसलिए आप अपनी समझ के हिसाब से इन दवाइयों का इस्तेमाल कर सकते है। हालांकि अगर आप अच्छी डाइट ले और सिर्फ हेल्थी खाना ही खाये तो आपको दवाइयां लेनी की जरूरत ही नही पड़ेगी। क्योंकि ज्यादातर बीमारियां unhealthy खाना खाने से तथा शरीर मे पोषक तत्वों की कमी के कारण ही होती है। अगर हम इस बात का ध्यान रखते हुए, सिर्फ हेल्थी खाना खाएं, तो आप इन बीमारियों से दूर रह सकते हैं।

तो फ्रेंड्स उम्मीद है कि आपको यह जानकारी पसन्द आयी होगी। अगर आपका कोई सवाल या सुझाव हो तो आप नीचे कमेंट करके बता सकते है। इसके अलावा अगर आपको यह लेख पसन्द आया हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी जरूर शेयर करे।

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