Internship क्या है ? पूरी जानकारी हिंदी में

What is Internship Full Information in Hindi:- जब मैं स्कूल में था, तब मैंने पहली बार इंटर्नशिप शब्द को सुना था, उस समय मुझे इसके बारे में बिल्कुल भी पता नही था, कि ये इंटर्नशिप क्या होती है ? लेकिन ये शब्द मुझे हमेशा याद रहा, क्योंकि मुझे यह जानना था कि आखिर ये इंटर्नशिप क्या होती है ? इसलिए मैंने इसके बारे में थोड़ी रिसर्च की, तब मुझे इंटर्नशिप के बारे में पूरी जानकारी मिली। आज इस लेख में भी मैं आपको यही बताने वाला हु की इंटर्नशिप क्या होती है ? हिंदी में पूरी जानकारी।

Internship क्या है ? पूरी जानकारी हिंदी में

क्योंकि अगर आप एक स्टूडेंट है ? या आप इंटर्नशिप करने के बारे में सोच रहे है ? तो आपको इसके बारे में पूरी जानकारी होना जरूरी है। क्योंकि यह आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है। इसके अलावा अगर आपको इंटर्नशिप नही करनी है, तब भी आपको इसके बारे में पता होना जरूरी है, क्योंकि इसकी जानकारी होने पर आप दूसरों को भी इसके बारे में बता सकते है।

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What is Internship ? इंटर्नशिप क्या है ? पूरी जानकारी हिंदी में

Internship शिक्षा का ही एक हिस्सा है। हिंदी में इसको प्रशिक्षुता इसमें स्टूडेंट्स को प्रैक्टिकल नॉलेज दिया जाता है, जैसे कि मान लीजिये की आपने अभी अभी कॉलेज या कोई प्रोफ़ेशनल कोर्स पूरा किया है या अभी कर रहे हो, तो कॉलेज क्लासरूम में आपको theoretical knowledge तो मिल जाता, किन्तु प्रैक्टिकल नॉलेज नही मिलता है। इसलिए उस कोर्स का प्रैक्टिकल नॉलेज लेने के लिए इंटर्नशिप की जाती है।

बहुत से प्रोफ़ेशनल कोर्सेज में इंटर्नशिप करना अनिवार्य होता है, इसलिए कोर्स करने के दौरान ही कंडीडेट को इंटर्नशिप करनी होती है।

इंटर्नशिप में हमे अपने कोर्स से सम्बंधित ही किसी सरकारी या प्राइवेट संस्था में जुड़ना होता है, और वँहा पार्ट टाइम या फुल टाइम काम करना होता है। इससे हमें उस सब्जेक्ट का प्रैक्टिकल नॉलेज तो होता ही है, साथ ही साथ कुछ कम्पनियां हमे सैलरी भी देती है।

इंटर्नशिप पूरी होने पर हमे एक सर्टिफिकेट भी दिया जाता है, जिससे आपको जॉब मिलने में आसानी होती है। क्योंकि यह एक प्रकार का वर्क एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट होता है। और कोई भी सरकारी या प्राइवेट संस्था हो, वो किसी फ्रेशर को लेने के बजाय एक ऐसे एम्प्लोयी को लेना पसन्द करेगी जिसे पहले से काम करने का एक्सपीरियंस हो, ताकि नए एम्पलयोई को काम समझाने में ज्यादा समय बर्बाद ना हो, और कंपनी को ज्यादा से ज्यादा फायदा हो सके।

हालांकि इंटर्नशिप करने के बाद जॉब मिलना कन्फर्म तो नही होता है, लेकिन सम्बन्धित प्रोफ़ेशन की अच्छी खासी ट्रेनिंग मिल जाती है। इसलिए जॉब मिलने में आसानी होती है।


इंटर्नशिप कितने प्रकार की होती है ? Types of Internship

Paid Internship:- कुछ संस्थाए इंटर्न (इंटर्नशिप करने वाले कंडीडेट) को सैलरी देती है। इस केटेगरी में बड़ी बड़ी कंपनियां तथा प्राइवेट कंपनियां ही आती है। क्योंकि ऐसी कंपनियां ही Intern को सैलरी देती है। ज्यादार स्टूडेंट्स ऐसी ही इंटर्नशिप करना पसंद करते है।

Unpaid Internship:- ज्यादातर सरकारी व नॉन प्रॉफिटेबल संस्थाए इंटर्न को सैलरी नही देती है, उन्हें सिर्फ ट्रेनिंग देती है, वो इस केटेगरी में आती है।

Partially Paid Internship:- इस प्रकार की इंटर्नशिप में संस्था इंटर्न को काम के बदल stipends देती है। Stipends पैसों की एक फिक्स अमाउंट होती है, जो इंटर्न को रेगुलर बेसिस पर दी जाती है।

Work Research Internship:- यह इंटर्नशिप मुख्यरूप से फाइनल ईयर में पढ़ने वाले वाले स्टूडेंट्स के द्वारा की जाती है। इसमें स्टूडेंट को किसी एक कंपनी पर रिसर्च करनी होती है और एक रिपोर्ट तैयार करनी होती है, जिसमे उसे उस कंपनी में improvement के लिए क्या क्या करना चाहिए यह बताना होता है।

Virtual Internship:- यह इंटर्नशिप पिछले कुछ समय से काफी लोकप्रिय हो रही है। इसमें कंडीडेट को ऑफिस में जाकर काम करने की आवश्यकता नही होती है, बल्कि वह अपने घर बैठे भी काम कर सकता है। इस टाइप की इंटर्नशिप कंडीडेट को बिना ऑफिस जाए घर पर ही काम करने का अनुभव देती है। इस प्रकार की इंटर्नशिप में इंटर्न को phone, emails या web communication के माध्यम से काम करना होता है, जो वह अपने घर पर रहकर भी कर सकता है।


इंटर्नशिप में कितने घण्टे काम करना पड़ता है ? 

यह उस संस्था पर निर्भर करता है जिसमे आप इंटर्नशिप के लिए जा रहे है। सभी संस्थाओं का अपना एक टाइम टेबल होता है, जिसके हिसाब से वो इंटर्नर को ट्रेनिंग देते है। कुछ संस्थाए इंटर्नर से सिर्फ पार्ट टाइम यानी कि 2,4 घण्टे काम करवाती है, तो वंही कुछ संस्थाए फुल टाइम यानी 8 घण्टे काम करवाती है।


इंटर्नशिप की लेंथ कितनी होती है ?

इंटर्नशिप की कोई फिक्स लेंथ नही है। यह 1 महीने, 3 महीने, 6 महीने या 1 साल की भी हो सकती है। आपको अपने कोर्स के हिसाब से इंटर्नशिप करनी होती है।


इंटर्नशिप के लाभ, Benefits of Internship

  1. इंटर्नशिप करने से कंडीडेट को सम्बंधित फील्ड में काम करने का अनुभव तो मिलता ही है, साथ उसकी कम्युनिकेशन स्किल भी इम्प्रूव होती है, इसके अलावा उसे team work में काम करने का भी अनुभव होता है। जिससे जॉब मिलना आसान हो जाता है।
  2. प्रैक्टिकल अनुभव मिलता है, क्लासरूम में स्टूडेंट्स सब्जेक्ट की थ्योरी तो अच्छे से समझ लेते है, किन्तु उसे प्रैक्टिकली करने का मौका इंटर्नशिप में ही मिलता है। इंटर्नशिप के दौरान ही कंडीडेट को सही मायनों में पता चलता है कि उसे सब्जेक्ट का कितना नॉलेज है।
  3. इंटर्नशिप में कंडीडेट प्रोफेशनल वर्कर्स के साथ मिलकर काम करता है, इस दौरान उसके पास मौका होता है कि वह काम को बारीकी से समझ सके और अपने आपको बेहतर बना सके।
  4. इंटर्नशिप करने से कंडीडेट का आत्मविश्वास बढ़ता है, कॉलेज फाइनल ईयर में या कॉलेज से निकलते ही प्रोफ़ेशनल्स के साथ काम करने से कंडीडेट में आत्मविश्वास बढ़ता है।
  5. इंटर्नशिप कंडीडेट को सही करियर ऑप्शन चुनने में मदद करती है, क्योंकि कई बार इंटर्नशिप करने के बाद कंडीडेट को लगता है कि वह जॉब उसके लिए परफेक्ट नही है, ऐसे में कंडीडेट उस फील्ड में ना जाकर अपने लिए दूसरा करियर ऑप्शन चुन सकता है।
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निष्कर्ष:-

कॉलेज से निकलने के बाद स्टूडेंट्स के लिए इंटर्नशिप एक बेहतरीन मौका होता है, जंहा वो अपना हुनर चेक कर सकते है और अच्छा परफॉर्मेन्स देकर उस फील्ड में आगे बढ़ सकते है। उम्मीद है कि internship kya hai ? puri jankari यह लेख आपको पसंद आया होगा। अगर आपको इस लेख में कुछ जानकारी missing लगी हो ? या हमारे लिए आपका कोई सुझाव हो तो आप नीचे कमेंट करके बता सकते है। इसके अलावा अगर आपको जानकारी पसन्द आयी हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी जरूर शेयर करे। 


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